---Advertisement---

बिहार के सरकारी स्कूलों में टैबलेट से बनेगी हाजरी: बड़ा डिजिटल बदलाव! – संपूर्ण जानकारी और अपडेट्स

7 / 100 SEO Score

बिहार के सरकारी स्कूलों में टैबलेट से बनेगी हाजरी: बड़ा डिजिटल बदलाव! – संपूर्ण जानकारी और अपडेट्स

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

नमस्कार दोस्तों! बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा को डिजिटल बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब छात्रों की हाजिरी पारंपरिक रजिस्टर के बजाय टैबलेट के माध्यम से दर्ज होगी। यह नया सिस्टम e-Shiksha Kosh ऐप पर आधारित है, जो हाजिरी को पारदर्शी, तेज और सटीक बनाएगा। यह बदलाव छात्रों की उपस्थिति में फर्जीवाड़ा रोकने, मिड-डे मील स्कीम को बेहतर बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है। इस आर्टिकल में हम आपको Bihar Tablet Attendance System 2025 की पूरी डिटेल बताएंगे – यह सिस्टम कैसे काम करेगा, कब से लागू हो रहा है, फायदे क्या हैं, चुनौतियां क्या हो सकती हैं, और अभिभावकों व शिक्षकों के लिए टिप्स। सरल हिंदी में विस्तार से समझाएंगे ताकि हर कोई आसानी से समझ सके। यह जानकारी ऑफिशियल न्यूज और शिक्षा विभाग के अपडेट्स से ली गई है। चलिए, शुरू करते हैं!

बिहार टैबलेट हाजिरी सिस्टम 2025: क्या है यह डिजिटल बदलाव?

बिहार के 75,000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम शुरू हो रहा है। शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी डॉ. एस. सिद्धार्थ ने जून 2025 में घोषणा की कि हर स्कूल को एक टैबलेट प्रदान किया जाएगा, जो स्टेट के e-Shiksha Kosh पोर्टल से कनेक्टेड होगा। यह सिस्टम मुख्य रूप से e-Shikshakosh मोबाइल ऐप पर चलता है, जहां सुबह की पहली घंटी में क्लास 3 से शुरू करके छात्रों की हाजिरी टैबलेट से मार्क की जाएगी।

मुख्य फीचर्स (Key Features):

  • टैबलेट डिस्ट्रीब्यूशन: प्रत्येक स्कूल को कम से कम एक टैबलेट मिलेगा। पायलट प्रोजेक्ट में 6 जिलों के 30 स्कूलों को 8 फरवरी 2025 से टैबलेट दिए गए।
  • ऐप इंटीग्रेशन: e-Shikshakosh ऐप से हाजिरी, टीचर अटेंडेंस, मार्क्स, होमवर्क सब ट्रैक होगा। ऐप Google Play Store पर उपलब्ध है।
  • फेशियल रिकग्निशन: जनवरी 2025 से 3 करोड़ छात्रों के लिए फेशियल रिकग्निशन से हाजिरी, जो फर्जी अटेंडेंस रोकने में मदद करेगा।
  • लागू होने की डेट: पायलट 10 फरवरी 2025 से शुरू। पूर्ण रूप से मई 2025 से 6 जिलों में, और 2025-26 में पूरे बिहार में।
  • ट्रेनिंग: 8 फरवरी 2025 को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। हर स्कूल के प्रिंसिपल और क्लास टीचर को प्रशिक्षित किया गया।

यह सिस्टम पहले टीचर्स की हाजिरी के लिए जून 2024 से चला, लेकिन अब छात्रों पर फोकस है। अगर कोई स्कूल से हाजिरी न दर्ज हो, तो स्कूल बंद मानकर एक्शन लिया जा सकता है।

यह सिस्टम कैसे काम करेगा? स्टेप बाय स्टेप गाइड

टैबलेट से हाजिरी लेना बहुत आसान है। यहां पूरा प्रोसेस:

  1. सुबह की पहली घंटी: क्लास टीचर टैबलेट ऑन करेंगे और e-Shikshakosh ऐप ओपन करेंगे।
  2. स्टूडेंट आईडी स्कैन: हर छात्र का आधार या EPIC से लिंक आईडी स्कैन करें। फेशियल रिकग्निशन से फोटो मैच होगा।
  3. मार्क अटेंडेंस: “Present” या “Absent” पर क्लिक। GPS से लोकेशन वेरिफाई होगी।
  4. रियल-टाइम अपलोड: डेटा e-Shiksha Kosh पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। अभिभावक SMS/ऐप से अलर्ट पा सकेंगे।
  5. रिपोर्ट जेनरेशन: महीने के अंत में अटेंडेंस रिपोर्ट डाउनलोड। 75% हाजिरी पर स्कॉलरशिप, यूनिफॉर्म, बुक आदि मिलेंगे।

पायलट में क्लास 3 के छात्रों पर टेस्टिंग हो रही है। अगर इंटरनेट इश्यू, तो ऑफलाइन मोड में सेव हो जाएगा और बाद में सिंक होगा। ऐप में नजदीकी स्कूल सर्च और मैप भी है।

सिस्टम की टेबल (System Overview Table):

स्टेप क्या करेंगे? टूल/ऐप समय/डेट
1. लॉगिन टीचर ऐप ओपन करें e-Shikshakosh सुबह 9 बजे
2. स्कैन छात्र फोटो/आईडी स्कैन टैबलेट कैमरा पहली घंटी
3. मार्क Present/Absent चुनें ऐप बटन 5-10 मिनट
4. अपलोड डेटा सर्वर पर भेजें इंटरनेट/GPS रियल-टाइम
5. रिपोर्ट मंथली चेक पोर्टल डाउनलोड महीने अंत

यह प्रोसेस 25 लाख घोस्ट अटेंडेंस केस रोक चुका है।

क्यों लाया गया यह डिजिटल सिस्टम? कारणों की विस्तृत जानकारी

बिहार में सरकारी स्कूलों में हाजिरी की समस्या पुरानी है। ASER 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइमरी स्कूलों में औसत हाजिरी सिर्फ 20% है। सरकार ने यह सिस्टम इसलिए शुरू किया:

  1. फर्जीवाड़ा रोकना: रजिस्टर में फर्जी एंट्री से मिड-डे मील का दुरुपयोग। अब फोटो प्रूफ से सही डेटा।
  2. पारदर्शिता बढ़ाना: अभिभावक ऐप से रोज चेक कर सकेंगे। स्कॉलरशिप (₹400 से ₹2500) 75% हाजिरी पर सही मिलेगी।
  3. शिक्षा सुधार: कम हाजिरी से ड्रॉपआउट रेट हाई। यह सिस्टम एनरोलमेंट बढ़ाएगा।
  4. डिजिटल इंडिया: टैबलेट से कंप्यूटर लिटरेसी सिखाना। मॉडल स्कूलों में 2 कंप्यूटर प्रति क्लास।
  5. राष्ट्रीय ट्रेंड: दिल्ली, कर्नाटक में भी फेशियल रिकग्निशन। बिहार अब शामिल।

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा, “यह बदलाव छात्रों के भविष्य को डिजिटल बनाएगा।”

फायदे: छात्र, टीचर और अभिभावकों के लिए क्या होगा बेहतर?

यह सिस्टम सभी के लिए फायदेमंद है:

  • छात्रों के लिए: सही हाजिरी से स्कॉलरशिप, फ्री बुक, साइकिल मिलेगी। ड्रॉपआउट कम होगा।
  • टीचर के लिए: आसान ट्रै킹, सैलरी डिडक्शन नही। लेकिन GPS से क्लास में रहना पड़ेगा।
  • अभिभावकों के लिए: SMS अलर्ट से बच्चे की हाजिरी पता। प्रेशर न डालना पड़ेगा।
  • सरकार के लिए: बजट सेविंग। 25 लाख फर्जी केस पकड़े गए।
  • ओवरऑल: शिक्षा क्वालिटी अप, स्किल डेवलपमेंट (Bhojpuri में क्लास 3 तक पढ़ाई)।

चुनौतियां और समाधान: क्या हो सकती हैं परेशानियां?

हर बदलाव में चुनौतियां होती हैं:

  1. इंटरनेट कनेक्टिविटी: रूरल एरिया में प्रॉब्लम। समाधान: ऑफलाइन मोड और सोलर चार्जर।
  2. ट्रेनिंग की कमी: टीचर ऐप यूज में दिक्कत। समाधान: ऑनलाइन/ऑफलाइन ट्रेनिंग।
  3. प्राइवेसी इश्यू: फोटो कैप्चर से। समाधान: डेटा सिक्योर, सिर्फ एजुकेशनल यूज।
  4. डिवाइस मेंटेनेंस: टैबलेट ब्रेक। समाधान: वारंटी और रिपेयर सेंटर।
  5. टीचर रेसिस्टेंस: UP में प्रोटेस्ट हुआ, बिहार में कम इन्फ्लुएंस।

शुरुआती 2-3 महीने में एडजस्टमेंट होगा, लेकिन लॉन्ग टर्म में फायदेमंद।

अभिभावकों और टीचर्स के लिए टिप्स: कैसे करें एडजस्ट?

  • अभिभावक: ऐप डाउनलोड करें, SMS चेक करें। बच्चे को समय पर स्कूल भेजें।
  • टीचर: रोज ऐप अपडेट रखें। अगर इश्यू, हेल्पलाइन (0612-2217590) कॉल करें।
  • छात्र: आईडी कार्ड साथ रखें। फोटो क्लिकर टाइम पर खड़े हों।
  • सामान्य: डिजिटल लिटरेसी बढ़ाएं। Good Morning Bihar Tablet Yojana से फ्री टैबलेट अप्लाई करें।

महत्वपूर्ण डेट्स और अपडेट्स

  • टैबलेट डिस्ट्रीब्यूशन: फरवरी 2025 (पायलट)।
  • पायलट स्टार्ट: 10 फरवरी 2025।
  • फेशियल रिकग्निशन: जनवरी 2025।
  • पूर्ण लागू: मई 2025 से 6 जिलों, 2026 तक स्टेट।
  • ट्रेनिंग: 8 फरवरी 2025।

अगर अपडेट, शिक्षा विभाग वेबसाइट (education.bihar.gov.in) चेक करें।

FAQs: टैबलेट हाजिरी सिस्टम से जुड़े सवाल

Q1: यह सिस्टम किन स्कूलों में लागू होगा?

A: सभी सरकारी स्कूलों में, प्राइमरी से हायर सेकेंडरी तक।

Q2: टैबलेट कौन देगा?

A: सरकार, हर स्कूल को एक।

Q3: हाजिरी कैसे चेक करेंगे अभिभावक?

A: e-Shikshakosh ऐप या SMS अलर्ट से।

Q4: फेशियल रिकग्निशन क्या है?

A: फोटो से ऑटो अटेंडेंस, फर्जी रोकने के लिए।

Q5: अगर इंटरनेट न हो तो?

A: ऑफलाइन सेव, बाद में सिंक।

Q6: स्कॉलरशिप पर असर?

A: 75% हाजिरी पर ही मिलेगी, अब सही डेटा से।

Q7: टीचर की हाजिरी भी?

A: हां, पहले से ऐप पर।

Q8: प्राइवेसी सुरक्षित?

A: हां, सिर्फ एजुकेशनल डेटा।

Q9: पायलट कहां?

A: 6 जिलों के 30 स्कूल।

Q10: फ्री टैबलेट स्कीम?

A: Good Morning Bihar Yojana से अप्लाई करें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment