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PM Kisan Yojana Payment Hike 2025 : बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब पीएम किसान में मिलेगा ₹9000 – बड़ी घोषणा

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PM Kisan Yojana Payment Hike 2025 : बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब पीएम किसान में मिलेगा ₹9000 – बड़ी घोषणा

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नमस्कार दोस्तों! बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। एनडीए गठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के घोषणा पत्र में वादा किया है कि सत्ता में आने पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह अतिरिक्त 3,000 रुपये राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो केंद्र की 6,000 रुपये की मौजूदा सहायता पर जुड़ेंगे। यह घोषणा बिहार चुनाव (6 और 11 नवंबर 2025 को चरणबद्ध, 14 नवंबर को परिणाम) से ठीक पहले की गई, जो किसानों को आकर्षित करने का प्रयास है। वर्तमान में, केंद्र सरकार 21वीं किस्त के रूप में 2,000 रुपये जारी करने की तैयारी कर रही है, जो नवंबर 2025 में आने की उम्मीद है। लेकिन बिहार के किसानों के लिए यह हाइक चुनावी वादा है, जो यदि एनडीए जीतता है तो लागू होगा।

इस गाइड में हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि पीएम किसान योजना पेमेंट हाइक 2025 क्या है, बिहार किसानों के लिए कैसे लागू होगा, आवेदन कैसे करें, योग्यता क्या है, योजना का इतिहास, सरकार का उद्देश्य, फायदे और समस्या आने पर समाधान। कीवर्ड्स जैसे “PM Kisan Yojana Payment Hike 2025”, “बिहार किसानों को 9000 रुपये PM Kisan” और “PM Kisan Bihar Announcement 2025” को ध्यान में रखकर यह जानकारी तैयार की गई है। आइए, विस्तार से समझते हैं।

पीएम किसान योजना का इतिहास या पिछली जानकारी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना भारत सरकार की एक प्रमुख कृषि कल्याण योजना है, जो छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसकी शुरुआत 24 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट में की गई थी, जब तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इसे घोषित किया। योजना का उद्देश्य किसानों की फसल और घरेलू खर्चों में मदद करना था, खासकर उन किसानों के लिए जो भूमि धारक हैं। शुरू में, यह 2 हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों के लिए 6,000 रुपये सालाना (तीन किस्तों में 2,000 रुपये प्रत्येक) प्रदान करती थी। पहली किस्त 1 दिसंबर 2018 को ही जारी कर दी गई थी, लेकिन औपचारिक लॉन्च 2019 में हुआ।

योजना का विकास और विस्तार

2019 में लॉन्च के बाद, योजना को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जोड़ा गया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी। 2020 की शुरुआत में, कोविड-19 महामारी के दौरान अतिरिक्त किस्तें जारी की गईं, जैसे 8वीं और 9वीं किस्त एक साथ। 2021 में, e-KYC अनिवार्य कर दिया गया, ताकि फर्जी लाभार्थी रोके जा सकें। 2022 तक, योजना ने 11 करोड़ से अधिक किसानों को कवर किया, और कुल 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए। 2023 में, भूमि रिकॉर्ड वेरीफिकेशन को मजबूत किया गया, जिससे कई राज्यों में देरी हुई लेकिन सटीकता बढ़ी।

2024 में, 17वीं किस्त जून में और 18वीं अक्टूबर में जारी हुई। 2025 में, 19वीं किस्त 24 फरवरी को भागलपुर, बिहार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई, जिसमें 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपये मिले। 20वीं किस्त अगस्त में आई, और अब 21वीं किस्त नवंबर 2025 में प्रस्तावित है। बिहार में, योजना ने 1.2 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में e-KYC की कमी से कई वंचित रहे। हाइक का विचार 2024 के लोकसभा चुनाव से चला आ रहा है, जहां विपक्ष ने 10,000 रुपये की मांग की, लेकिन केंद्र ने 6,000 पर ही रखा। बिहार चुनाव 2025 में, एनडीए ने राज्य स्तर पर 3,000 रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया, जो कुल 9,000 बनाता है। यह वादा कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ के निवेश के साथ जुड़ा है। आज, योजना का कुल वितरण 3.46 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है, जो किसानों की आय में स्थिरता ला रहा है।

बिहार में योजना का प्रभाव

बिहार, जहां 70% आबादी कृषि पर निर्भर है, में PM-KISAN ने लाखों किसानों को राहत दी। 2019 से 2025 तक, राज्य में 1.5 लाख करोड़ रुपये वितरित हुए। लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में देरी आम रही। 2025 चुनाव घोषणा पत्र ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया, जहां NDA ने महिलाओं और किसानों पर फोकस किया।

सरकार/संस्था का उद्देश्य और इससे होने वाले फायदे

केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘डबलिंग फार्मर्स इनकम बाय 2022’ (अब 2025 तक विस्तारित) के तहत किसानों को न्यूनतम आय सुनिश्चित करना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय योजना चला रहा है, और 2025-26 बजट में 75,000 करोड़ रुपये आवंटित हैं। बिहार में, राज्य सरकार (यदि NDA जीतती है) अतिरिक्त 3,000 रुपये देगी, जो कृषि उत्पादकता बढ़ाने और पलायन रोकने का लक्ष्य रखती है। घोषणा का मकसद चुनावी समर्थन के साथ किसानों को सशक्त बनाना है।

हाइक से होने वाले फायदे

  1. किसानों के लिए: सालाना 9,000 रुपये से बीज, खाद, सिंचाई पर खर्च आसान। बिहार के छोटे किसानों (80% 2 हेक्टेयर से कम जोत) को 50% अधिक सहायता, जो आय में 15-20% वृद्धि लाएगी। महिलाओं के नाम पर जोत वाले किसानों को प्राथमिकता।
  2. परिवार के लिए: अतिरिक्त राशि से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य पर निवेश। ग्रामीण गरीबी में कमी, ड्रॉपआउट दर कम।
  3. बिहार समाज के लिए: 1.2 करोड़ किसानों को लाभ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत। बाढ़ प्रभावित जिलों (जैसे भागलपुर, मुजफ्फरपुर) में राहत। लिंग समानता, क्योंकि 30% लाभार्थी महिलाएं।
  4. राष्ट्रीय आर्थिक फायदे: उत्पादकता बढ़ने से GDP में 2% योगदान। 1 लाख करोड़ इंफ्रा निवेश से कोल्ड स्टोरेज, मार्केटिंग सुविधाएं। बेरोजगारी कम, खाद्य सुरक्षा मजबूत।

यह हाइक न केवल वित्तीय मदद है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

किसे मिलेगा फायदा या किसके लिए लागू है (Eligibility Criteria)

यह हाइक बिहार के सभी पात्र PM-KISAN लाभार्थियों के लिए है, यदि NDA सरकार बनती है। वर्तमान 6,000 केंद्र से सभी छोटे किसानों को मिलता है।

सामान्य योग्यता

  • पात्र किसान: 2 हेक्टेयर तक जोत वाले छोटे/सीमांत किसान, भूमि रिकॉर्ड धारक।
  • आयु/निवास: कोई आयु सीमा नहीं, बिहार के स्थायी निवासी।
  • शर्तें: e-KYC पूरा, आधार-बैंक लिंक, भूमि वेरीफिकेशन। आयकर दाता परिवार वंचित।
  • आरक्षण: SC/ST/OBC/EWS/PwD को प्राथमिकता, लेकिन सभी के लिए।
  • कौन आवेदन कर सकता है?: नए रजिस्ट्रेशन या अपडेट वाले किसान। महिलाओं के नाम पर 50% कोटा।
श्रेणी वर्तमान लाभ (केंद्र) हाइक के बाद (कुल) शर्तें
छोटे किसान ₹6,000/वर्ष ₹9,000/वर्ष e-KYC अनिवार्य
SC/ST किसान ₹6,000/वर्ष ₹9,000 + प्राथमिकता भूमि प्रमाण पत्र
महिलाएं ₹6,000/वर्ष ₹9,000 नाम पर जोत
बाढ़ प्रभावित ₹6,000/वर्ष ₹9,000 + अतिरिक्त राहत जिला सत्यापन

यह बिहार के ग्रामीण किसानों को विशेष फायदा पहुंचाएगा।

पीएम किसान योजना पेमेंट हाइक 2025 कैसे चेक करें और आवेदन करें (Step-by-Step Guide)

हाइक चुनाव परिणाम के बाद लागू होगा, लेकिन वर्तमान लाभ के लिए pmkisan.gov.in पर चेक/रजिस्टर करें। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में।

स्टेप 1: तैयारी करें

  • आधार, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज, मोबाइल तैयार।
  • e-KYC के लिए OTP या CSC।
  • इंटरनेट कनेक्शन।

स्टेप 2: वेबसाइट पर जाएं

  • pmkisan.gov.in खोलें।
  • ‘फार्मर कॉर्नर’ > ‘नया किसान रजिस्ट्रेशन’ या ‘स्टेटस चेक’ चुनें।

स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन/लॉगिन

  • आधार/मोबाइल से लॉगिन।
  • OTP वेरीफाई।
  • यदि नया: नाम, पता, बैंक डिटेल्स भरें।

स्टेप 4: e-KYC और वेरीफिकेशन

  • ‘e-KYC’ सेक्शन में आधार से वेरीफाई।
  • भूमि रिकॉर्ड अपलोड (जमाबंदी)।
  • हाइक अपडेट के लिए राज्य पोर्टल चेक (चुनाव बाद)।

स्टेप 5: स्टेटस चेक

  • ‘बेनिफिशियरी लिस्ट’ या ‘पेमेंट स्टेटस’ में रोल नंबर डालें।
  • 21वीं किस्त डिटेल्स देखें।

स्टेप 6: CSC से मदद

  • नजदीकी CSC जाएं, ₹50 फीस पर e-KYC।
  • हाइक लाभ के लिए जिला कृषि कार्यालय संपर्क।

प्रक्रिया 15-30 मिनट लेगी। अप्रूवल 7-15 दिनों में।

समस्या होने पर क्या करें (Troubleshooting Guide)

किस्त या हाइक में समस्या हो तो हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर कॉल।

समस्या 1: e-KYC नहीं हो रहा

  • कारण: आधार अनलिंक्ड।
  • समाधान: UIDAI पोर्टल पर लिंक, री-ट्राई।

समस्या 2: किस्त नहीं आई

  • कारण: वेरीफिकेशन पेंडिंग।
  • समाधान: पोर्टल पर चेक, CSC से अपडेट। 21वीं के लिए नवंबर तक इंतजार।

समस्या 3: नाम लिस्ट में नहीं

  • कारण: आयकर दाता।
  • समाधान: ‘सेल्फ डिक्लेरेशन’ भरें, हेल्पलाइन कॉल।

समस्या 4: हाइक अपडेट नहीं

  • कारण: चुनाव परिणाम।
  • समाधान: राज्य कृषि विभाग से संपर्क, घोषणा पत्र ट्रैक।

समस्या 5: फर्जी मैसेज

  • कारण: स्कैम।
  • समाधान: केवल ऑफिशियल पोर्टल, रिपोर्ट करें।

समस्या बनी रहे तो जिला कलेक्टर कार्यालय जाएं।

निष्कर्ष: किसानों का भविष्य उज्ज्वल

पीएम किसान योजना पेमेंट हाइक 2025 बिहार के किसानों को 9,000 रुपये सालाना देने का वादा है, जो उनकी जिंदगी बदल सकता है। इतिहास से प्रेरणा लें, उद्देश्य समझें, और आवेदन पूरा करें। चुनाव परिणाम के बाद लाभ मिलेगा। समस्या हो तो मदद लें। बधाई हो, नई उम्मीद का! अधिक जानकारी के लिए pmkisan.gov.in चेक करें।

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